ग्वालियर , जून 11 -- आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ग्वालियर ने तहसीलदार गोसपुरा कार्यालय में पदस्थ रीडर एवं सहायक ग्रेड-3 अनिल कुडवारिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। आरोपी पर प्लॉट के नामांतरण के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।

ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता जितेन्द्र पाण्डेय निवासी किलागेट घासमण्डी, मंग्लेश्वर रोड, ग्वालियर ने 10 जून को पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्होंने रानीपुरा, तहसील गोसपुरा स्थित 930 वर्गफीट का एक प्लॉट निर्मला गोस्वामी को विक्रय किया था और उसके नामांतरण के लिए तहसीलदार कार्यालय में आवेदन किया था।

शिकायत के अनुसार नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कार्यालय में पदस्थ रीडर एवं सहायक ग्रेड-3 अनिल कुडवारिया द्वारा 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। ईओडब्ल्यू ने शिकायत का डिजिटल माध्यम से सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू ग्वालियर के निर्देश पर निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में ट्रैप दल का गठन किया गया। आज कलेक्ट्रेट कार्यालय ग्वालियर में कार्रवाई के दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ रासायनिक घोल से धुलवाए गए, जिस पर घोल का रंग गुलाबी हो गया। इसे रिश्वत लेने की पुष्टि माना गया। ट्रैप दल ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली है। ईओडब्ल्यू के अनुसार मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में निरीक्षक मदन मोहन मालवीय, निरीक्षक पारुल चंदेल, उपनिरीक्षक नीलम श्रीवास्तव, हरि किशोर चतुर्वेदी, ब्रजमोहन शर्मा, शैलेन्द्र शर्मा तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

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