भोपाल , सितंबर 17 -- मध्यप्रदेश में नाबालिग बालिका को पढ़ाई के बहाने कमरे में ले जाकर लैंगिक अपराध करने के मामले में पॉक्सो भोपाल जिला कोर्ट की विशेष न्यायालय ने आरोपी कुलदीप साहू को पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पीड़िता के भविष्य को देखते हुए उसे एक लाख रुपये प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश दिया है।
अनन्य विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं 15वें अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती कुमुदिनी पटेल ने 17 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला एवं नवीन श्रीवास्तव ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार 11 नवंबर 2024 को पीड़िता छत पर खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला कुलदीप साहू उसे पढ़ाई के बहाने अपने कमरे में ले गया और वहां उसके साथ गलत हरकत की। पीड़िता के विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग गया। अगले दिन पीड़िता ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद निशातपुरा थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने पीड़िता की स्थिति और भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक लाख रुपये प्रतिकर दिए जाने का आदेश भी पारित किया।
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