बैतूल , जुलाई 15 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की मुलताई पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म और उसके बाद अवैध गर्भपात कराने के मामले में पांढुर्णा की एक निजी अस्पताल संचालक महिला चिकित्सक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मुलताई थाना प्रभारी विकास पटेल ने बताया कि जांच में सामने आया कि नाबालिग पीड़िता कथित दुष्कर्म के बाद गर्भवती हो गई थी। आरोप है कि मुख्य आरोपी अमित साहू और उसके भाई गजेंद्र साहू उसे पांढुर्णा स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां अस्पताल संचालक डॉ. चेतना उर्फ राधा ने नियमों की अनदेखी करते हुए उसका अवैध गर्भपात किया।
उन्होंने बताया कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर डॉ. चेतना को भी आरोपी बनाया गया। उन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर मुलताई न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अमित साहू पर नाबालिग से दुष्कर्म करने तथा उसके भाई गजेंद्र साहू पर अवैध गर्भपात कराने में सहयोग करने और अपराध में सहभागिता का आरोप है। तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अवैध गर्भपात के बाद पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका अस्पताल में उपचार जारी है। चिकित्सकीय रिपोर्ट को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
घटना सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मुलताई थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया था तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। यदि विवेचना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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