दरभंगा , अगस्त 27 -- िहार के दरभंगा जिले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) मामलों की विशेष अदालत ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में गुरुवार को एक युवक को आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश सुलेखा झा की अदालत ने भालपट्टी थाना क्षेत्र के भालपट्टी गॉव निवासी अनिरुद्ध मंडल को पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत यह सजा सुनाई है।
अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत छह लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आदेश दिया है। प्रतिकर राशि का भुगतान जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के माध्यम से किया जाएगा।
पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पाराजित ने बताया कि अभियुक्त ने दादा-दादी की अनुपस्थिति में मां के बिना असहाय नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। चाइल्ड लाइन की मदद से इस संबंध में महिला थाना में कांड संख्या 92/22 दर्ज कराया गया था। मामले का विचारण जीआर संख्या 102/23 के तहत शुरू हुआ।
अनुसंधान के दौरान पीड़िता से जन्मे शिशु और अभियुक्त का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें दोनों का डीएनए समान पाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों की गवाही कराई गई।
अदालत ने गत 19 अगस्त को अभियुक्त को दोषी करार दिया था। गुरुवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने तथा अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परिशीलन करने के बाद अदालत ने दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अभियुक्त घटना के बाद से ही जेल में बंद है।
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