बैतूल , मार्च 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने मुख्य आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा सह-आरोपिया महिला को 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर विभिन्न धाराओं में जुर्माना भी लगाया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट बैतूल की अदालत ने आरोपी अलकेष उर्फ मोदी (21), निवासी थाना चिचोली को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 4 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। इसके अलावा धारा 363 में 3 वर्ष कारावास व 1 हजार रुपए, धारा 366 में 5 वर्ष कारावास व 2 हजार रुपए तथा धारा 506 में 2 वर्ष कारावास व 500 रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई गई।
सह-आरोपिया सलोनी (20), निवासी थाना चिचोली को न्यायालय ने धारा 366 आईपीसी सहपठित धारा 16/17 पॉक्सो एक्ट के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। इसके अतिरिक्त उसे धारा 363 में 3 वर्ष कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी दी गई।
अभियोजन के अनुसार 21 जनवरी 2024 को पीड़िता अपने भाई के साथ हॉस्टल जा रही थी, तभी आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में उसे बैतूल लाकर दुष्कर्म किया गया और घटना के बाद धमकाते हुए सिकंदराबाद ले जाया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने प्रभावी पैरवी की।
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