जालंधर , जून 21 -- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि पंजाब केवल देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करता, बल्कि भारत की आत्मा की भी सुरक्षा करता है और वर्तमान संकटों से पंजाब को बाहर निकालकर उसे सुरक्षित, समृद्ध और मजबूत बनाना भाजपा का प्रमुख लक्ष्य है।

उन्हाेंने रविवार को जालंधर में आयोजित संत सम्मेलन के दौरान पंजाब भर से आए संतों और धार्मिक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब केवल एक राज्य नहीं, बल्कि गुरुओं की शिक्षाओं, संतों की तपस्या और शहीदों के बलिदान की पवित्र धरती है। यह सेवा, समर्पण और त्याग की जीवंत परंपरा का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने सभी गुरुद्वारा समितियों, आश्रमों, डेरों और मंदिर समितियों से आह्वान किया कि वे लोगों को नशे से मुक्त कराने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने हमेशा समाज को दिशा दिखाई है और यदि सभी धार्मिक संस्थाएं मिलकर प्रयास करें तो पंजाब की स्थिति बदलने से कोई नहीं रोक सकता।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सिख परंपरा "ना को बैरी, नाहीं बेगाना" का संदेश देती है, जो पंजाब और भारत की वास्तविक आत्मा है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने पूरी मानवता को एकता और समानता का संदेश दिया, जबकि गुरु अर्जन देव जी की तपस्या, गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान, गुरु गोबिंद सिंह जी की वीरता और साहिबजादों की कुर्बानी आज भी समाज को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मिट्टी का हर कण यह संदेश देता है कि राष्ट्र केवल सत्ता से नहीं, बल्कि संतों द्वारा दिए गए मूल्यों से मजबूत बनता है। भारत की आत्मा इन्हीं मूल्यों में बसती है।

श्री नवीन ने कहा कि शासक बदलते रहे हैं, लेकिन भारत की आत्मा कभी नहीं बदली। जब-जब समाज भटका, संतों ने उसे सही मार्ग दिखाया। जब अंधकार बढ़ा, संतों ने आशा का दीप जलाया और जब समाज में विभाजन पैदा हुआ, तब संतों ने लोगों को जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" भाजपा का संकल्प है, जो "सरबत दा भला" की भावना को आगे बढ़ाता है। पार्टी ऐसा शासन मॉडल चाहती है जिसमें हर धर्म, हर संप्रदाय, हर डेरा और हर समुदाय को समान सम्मान और अवसर मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐसा होना चाहिए जहां समाज में शांति हो, लोगों में भाईचारा हो और युवाओं के हाथों में नशे के बजाय शिक्षा और रोजगार हो।

उन्होंने कहा कि उनका यह आह्वान राजनीतिक नहीं है, बल्कि एक सेवक के रूप में संत समाज से मार्गदर्शन प्राप्त करने का प्रयास है, ताकि ऐसा पंजाब बनाया जा सके जहां गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं गूंजें, गुरु रविदास जी के सिद्धांतों पर समाज का निर्माण हो, महर्षि वाल्मीकि की गरिमा का सम्मान हो और बाबा जीवन सिंह जी का बलिदान युवाओं को प्रेरित करता रहे।

इस अवसर पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, सुनील जाखड़, अविनाश राय खन्ना, विक्रमजीत सिंह साहनी तथा भाजपा पंजाब के मीडिया प्रमुख विनीत जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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