दीमापुर , मई 11 -- नागालैंड में आयोजित दूसरी तिमाही की राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 402 मामले लिये गये, जिनमें से 220 मामलों का निपटारा किया गया है।

आज यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि नागालैंड राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (एन.एस.एल.एस.ए.) के तत्वावधान में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों (डीएलएसए) के जिला मुख्यालयों में 11 पीठ स्थापित की गयी थीं।

नागालैंड में वर्तमान में राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे की सफलता दर लगभग 54 प्रतिशत है। विज्ञप्ति में बताया गया कि लिये गये मामले मुकदमेबाजी से पूर्व के चरण के थे, जिनमें बैंक वसूली, ऋण वसूली और टेलीफोन बिल के मामले शामिल थे। लंबित चरण के मामलों में शमनीय अपराध, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) और अन्य दीवानी मामले शामिल थे।

दीमापुर जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने दीमापुर जिला न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता इसके अध्यक्ष एन. लोंगशिथुंग एज़ुंग और सचिव अतोका अचुमी ने की।

दिन भर चली कार्यवाही के दौरान, 46,01,223 रुपये की राशि के 60 बैंक वसूली मामलों का निपटारा किया गया, और बीएसएनएल से संबंधित 37,988 रुपये की राशि के 36 मामलों (मुकदमेबाजी से पूर्व के मामले) का समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त, 53,30,000 रुपये के कुल छह एमएसीटी मामलों का निपटारा हुआ। कुल 102 मामलों में निपटाई गई कुल राशि 99,69,211 रुपये थी। कोहिमा जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण ने जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया। इसमें कुल 156 मामले लिये गये जिनमें 123 मुकदमेबाजी से पूर्व के और तीन लंबित मामले थे । इनमें से 23 का निपटारा किया गया, जिसकी कुल समझौता राशि 17,22,048 रुपये रही।

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