कोहिमा , जुलाई 29 -- नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने रेड क्रॉस से मानवीय सेवा और समुदाय में मजबूती बढ़ाने में योगदान करने का आह्वान किया है। श्री यादव भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की नागालैंड राज्य शाखा के अध्यक्ष भी है।
वह लोक भवन में आयोजित भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, नागालैंड राज्य शाखा की 39वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने रेड क्रॉस परिवार को मानवीय सेवा के प्रति अटूट समर्पण के लिए बधाई दी और समाज के कमजोर वर्गों की सहायता में संगठन के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।
नागालैंड के मुख्यमंत्री तथा भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, नागालैंड राज्य शाखा के उपाध्यक्ष डॉ. नेफियू रियो ने भी बैठक को संबोधित किया। श्री यादव ने भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी को पिछले एक शताब्दी से अधिक समय से आशा, करुणा और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताया और कहा कि रेड क्रॉस ने अपने मूलभूत सिद्धांतों के मार्गदर्शन में हमेशा समर्पण और गरिमा के साथ जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों की सेवा की है।
राज्यपाल ने आपदा तैयारी एवं राहत कार्य, प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य जागरूकता, स्वैच्छिक रक्तदान, युवा सहभागिता तथा सामुदायिक कल्याण के क्षेत्र में नागालैंड राज्य शाखा के स्वयंसेवकों, सदस्यों, जिला शाखाओं और सहयोगी संस्थाओं के निरंतर प्रयासों तथा समर्पण की सराहना की। उन्होंने जिला शाखाओं के सुदृढ़ होने और मानवीय गतिविधियों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि रेड क्रॉस की वास्तविक ताकत उसके सक्रिय स्थानीय संस्थानों और समर्पित स्वयंसेवकों में निहित है, जो हर संकट के समय लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं।
उन्होंने रेड क्रॉस के सभी सदस्यों से मानवीय सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का आह्वान किया तथा संगठन से जुड़े सभी लोगों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई देते हुए वार्षिक आम बैठक की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने रेड क्रॉस को आशा, करुणा और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताते हुए कहा कि संगठन ने मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता जैसे अपने मूल सिद्धांतों का सदैव पालन किया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, आपातकालीन राहत और सामुदायिक कल्याण में रेड क्रॉस का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि नागालैंड में रेड क्रॉस ने आपदा राहत, स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों, प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, युवा कार्यक्रमों और जरूरतमंद समुदायों को मानवीय सहायता प्रदान कर हजारों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, नागालैंड राज्य शाखा और नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनएसडीएमए) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित कम्युनिटी फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स (सीएफआर) प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेष सराहना की। उन्होंने इसे सरकार और मानवीय संगठनों के बीच उत्कृष्ट सहयोग का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के सभी 12 जिलों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, आपदा तैयारी और आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागालैंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है तथा भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में समुदाय आधारित आपदा तैयारी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का ऐसा नेटवर्क तैयार कर रहा है, जो आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल के पहुंचने से पहले तत्काल सहायता देकर अनेक लोगों की जान बचा सकता है।
मुख्यमंत्री ने रेड क्रॉस और एनएसडीएमए से इस कार्यक्रम का और विस्तार करने का आग्रह किया ताकि राज्य के प्रत्येक जिले, गांव और समुदाय को प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का लाभ मिल सके। बैठक की शुरुआत में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, नागालैंड राज्य शाखा के महासचिव अखाले वी. खामो ने संगठन की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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