दीमापुर , अक्टूबर 3 -- उत्तर पूर्वी परिषद के सचिव सतिंदर कुमार भल्ला ने नागालैंड के कॉफी किसानों को आश्वासन दिया है कि उनकी चुनौतियों से निपटने के लिए जल संचयन, मशीनीकरण, नई तकनीकों और उपयुक्त उपकरणों की संभावनाएं तलाशी जायेंगी।

श्री भल्ला ने कोहिमा जिले के तुओफेमा गांव में 'कॉफी यूएसपी प्रोजेक्ट' के तहत कॉफी की खेती और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह बात कही। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कॉफी बागानों और हाई-टेक कॉफी वाशिंग स्टेशन का निरीक्षण किया तथा स्थानीय उत्पादकों व तुओफेमा क्लस्टर के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से प्रमुख औद्योगिक घरानों, निवेशकों और निर्यातकों के साथ जुड़ने का आग्रह किया जो उपयुक्त वित्तीय व संस्थागत व्यवस्थाओं के माध्यम से कॉफी क्षेत्र में स्वचालन और मशीनीकरण का समर्थन कर सकें।

उन्होंने कहा कि 'कॉफी यूएसपी प्रोजेक्ट' केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि यह एक एकीकृत आजीविका और आर्थिक विकास कार्यक्रम है। इसका व्यापक उद्देश्य टिकाऊ आजीविका का निर्माण करना है ताकि ग्रामीण समुदायों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आधुनिक सुविधाओं और जीवन स्तर में सुधार हो सके।

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