कोटा , अक्टूबर 03 -- राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शनिवार को कोटा शहर के विभिन्न ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस), विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों का औचक निरीक्षण किया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बिजली वितरण का कार्य संभाल रही फ्रेंचाइजी कंपनी कोटा विद्युत वितरण लिमिटेड (केईडीएल) की गंभीर लापरवाही और रख रखाव की बदहाली उजागर होने पर मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने पूरे मामले की जयपुर स्तर से उच्च स्तरीय समिति गठित करके जांच कराने और कंपनी से सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान का खर्च वसूलने के स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं।

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

श्री नागर ने मंत्री ने इंद्र विहार, संतोषी नगर, जवाहर नगर 33/11 केवी जीएसएस, तीन बत्ती सर्किल और वसंत विहार सहित विभिन्न इलाकों में बिजली ढांचे की स्थिति का गहन मुआयना किया।

निरीक्षण में सामने आयी अव्यवस्थाओं पर गहरा रोष जताते हुए श्री नागर ने कहा कि सरकार द्वारा केईडीएल को सौंपे गए 38 जीएसएस रखरखाव के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। परिसरों में झाड़-झंखाड़ उग आये हैं, साफ-सफाई का अभाव है और भवनों में समय पर रंग रोगन तक नहीं कराया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ट्रांसफार्मरों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और न ही नियमित सुरक्षा ऑडिट करायी जा रही है, जिससे हादसों की आशंका बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने पिछले 10 वर्षों में राजस्थान सरकार की परिसंपत्तियों की सामान्य देखभाल तक नहीं की और उन्हें बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है, जो बेहद शर्मसार करने वाला विषय है।

उन्होंने कहा कि बीकानेर में कार्यरत फ्रेंचाइजी कंपनियों के कामकाज की भी जयपुर में गठित विशेष दल द्वारा उच्च स्तरीय जांच करायी जायेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पायी जाने वाली कंपनी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी। इसके साथ ही पिछले 10 वर्षों में राजस्थान सरकार की परिसंपत्तियों को पहुंचाए गए संपूर्ण नुकसान की शत-प्रतिशत राशि केईडीएल कंपनी से ही वसूल की जायेगी।

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