श्रीनगर , अक्टूबर 30 -- हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष और कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को नागरिक स्वतंत्रताओं की बहाली की मांग करते हुए कहा कि हालांकि हिंसा में कमी का स्वागत है, लेकिन कश्मीर में स्थायी शांति के लिए न्याय, सुलह और जनता के विश्वास को फिर से कायम करना आवश्यक है।
श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार को मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मीरवाइज ने जम्मू-कश्मीर पर 'इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप' की हाल ही में जारी एक रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इसके निष्कर्षों पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि हिंसा में कमी आने का अर्थ यह नहीं है कि अंतर्निहित राजनीतिक शिकायतों का समाधान हो गया है या जनता का विश्वास बहाल हो गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित