चंडीगढ़ , जुलाई 22 -- पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी (जीजी एंड आईटी) मंत्री अमन अरोड़ा ने राज्य के सभी सरकारी विभागों में नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत और त्रुटिरहित साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन में लोगों का विश्वास हर हाल में कायम रखा जाना चाहिए।
बुधवार को सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित 'राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने' विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि तकनीक जहां विकास का बड़ा माध्यम है, वहीं इसके साथ साइबर खतरों का जोखिम भी बढ़ा है। इसलिए सरकारी डेटा और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज डेटा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति बन चुका है। सामाजिक कल्याण योजनाओं, भूमि रिकॉर्ड और विभिन्न नागरिक सेवाओं के तेजी से डिजिटलीकरण के बीच राज्य के डिजिटल नेटवर्क को सुरक्षित रखना तथा डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम-2023 सहित राष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
श्री अरोड़ा ने कहा कि जब कोई नागरिक सरकारी सेवा प्राप्त करने के लिए आवेदन करता है या अपनी व्यक्तिगत जानकारी सरकार को सौंपता है, तो वह इस विश्वास के साथ ऐसा करता है कि उसका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे टीम भावना के साथ काम करें, साइबर सुरक्षा को लेकर लगातार मंथन करें और उभरते डिजिटल खतरों के अनुरूप सरकारी प्रणालियों को नियमित रूप से उन्नत बनाते रहें। उन्होंने साइबर सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया। इसका उद्देश्य राज्य की साइबर सुरक्षा तैयारियों का आकलन करना, महत्वपूर्ण डेटा परिसंपत्तियों की सुरक्षा की समीक्षा करना तथा आगामी राष्ट्रीय विभागीय सम्मेलन के लिए सुझाव तैयार करना था।
इससे पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. डी. के. तिवारी ने स्वागत भाषण में पंजाब के स्टेट डेटा सेंटर और स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क सहित डिजिटल ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों से 'सिक्योर-बाय-डिजाइन' सिद्धांत अपनाने, नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति करने का आह्वान किया।
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