नागपुर , अगस्त 02 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को शिक्षण संस्थानों से कहा कि वह तेज़ी से बदलती तकनीक के साथ खुद को ढालें। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग वैश्विक विकास के अगले दौर को आगे बढ़ाएंगे और इसके लिए बहुत ज़्यादा कुशल पेशेवर की नयी पीढ़ी की ज़रूरत होगी।
नागपुर की रामदेवबाबा विश्वविद्यालय में एनवीडिया-पावर्ड एआई सेंटर ऑफ़ कॉम्पिटेंस का उद्घाटन करने के बाद श्री फडणवीस ने कहा कि राज्य की शिक्षा प्रणाली को सिर्फ़ स्नातक तैयार करने से आगे बढ़कर उद्योग के लिए तैयार और आधुनिक कौशल से सुसज्जित प्रतिभा बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
नयी तकनीक को अपनाने के लिए विश्वविद्यालय की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि एआई, सेमीकंडक्टर तकनीक और क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य को नए सिरे से परिभाषित करेंगे और इंसानी गतिविधियों के हर क्षेत्र पर असर डालेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार शैक्षणिक संस्थानों को इंडस्ट्री की बदलती ज़रूरतों पर बारीकी से नज़र रखने और रोज़गार की क्षमता बढ़ाने के लिए उसी के अनुसार शिक्षा में बदलाव करने के लिए प्रोत्साहित करती है। औद्योगिक क्रांतियों के विकासक्रम का ज़िक्र करते हुए श्री फडणवीस ने बताया कि पहली क्रांति लगभग 1740 में शुरू हुई, उसके बाद दूसरी 1860 में और तीसरी 1950 में हुई। हालाँकि, उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में तकनीकी बदलाव बहुत तेज़ी से हुए हैं।
उन्होंने कहा, "इंडस्ट्री 4.0 ने लगभग 2010 में आकार लेना शुरू किया और 2016-17 तक इसने तेज़ी पकड़ी। अब, 2026 में, ध्यान एआई, डीप-टेक और आधुनिक तकनीक पर केंद्रित हो गया है, जबकि छठी औद्योगिक क्रांति पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है।" उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव की रफ़्तार को देखते हुए शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वे वैश्विक विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए अपने पढ़ाने के तरीकों और पाठ्यक्रम को नए सिरे से तैयार करें।
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