नागपुर , अक्टूबर 19 -- महाराष्ट्र में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) के प्रोफेसर को पूर्व छात्रा को आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप में छुट्टी पर भेजा गया है। दूसरी ओर प्रोफेसर ने आरोपों को देखते हुए अपनी इस्तीफा सौंप दिया है।
विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यूनीवार्ता को बताया कि एक पूर्व छात्रा ने प्रोफेसर पर आपत्तिजनक संदेश भेजने और उसे इस्लामिक धार्मिक प्रथाओं को अपनाने के लिए कहने का आरोप लगाया है। इस विवाद के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) जैसे दक्षिणपंथी संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्रोफेसर को हटाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
विश्वविद्यालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि उसने इन आरोपों की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूर्व छात्रा ने लगभग छह महीने पहले संस्थान छोड़ दिया था। पुलिस ने तीन बार उनसे संपर्क किया लेकिन छात्रा के पिता ने न तो कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और न ही संदेश के कोई सबूत दिए।
पुलिस अधिकारी के अनुसार औपचारिक शिकायत और सबूतों के अभाव में इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। यह मामला तब सामने आया जब शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे विभिन्न संगठनों के सदस्य प्रोफेसर के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में इकट्ठा हुए।
पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत कराई। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात की। विश्वविद्यालय ने अपने बयान में कहा कि उसने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और इस मामले से जुड़ी शिकायत का संज्ञान लिया है।
विश्वविद्यालय ने कहा कि समिति आरोपों की जांच करेगी और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा। संस्थान ने छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित