नयी दिल्ली , जुलाई 07 -- महाराष्ट्र के नागपुर में 11 और 12 जुलाई को ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक हो रही है जिसमें सदस्य देशों के परिवहन मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सतत परिवहन, संपर्क, अवसंरचना तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार करेंगे।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम 'अनुकूलन, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व के लिए निर्माण (ब्रिक्स)' के तहत आयोजित की जा रही है, जो तकनीकी नवाचार और बेहतर संपर्क व्यवस्था के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने की सदस्य देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार इस समय भारत ब्रिक्स देशों की अध्यक्षता कर रहा है और 11 जुलाई से इन देशों के परिवहन मंत्रियों की नागपुर में आयोजित दो दिवसीय बैठक की मेजबानी भी करेगा। बैठक के दौरान परिवहन कार्य समूह के तहत रूस और ब्राजील की अध्यक्षता में हुई पिछली बैठकों के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा सतत विमानन ईंधन (एसएएफ), शहरी आवागमन, बहु-मोडल परिवहन, टिकाऊ लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखला, डीकार्बोनाइजेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रौद्योगिकियों के उपयोग जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। बैठक के दौरान सदस्य देश सड़क निर्माण तथा अन्य क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रणालियों का भी आदान-प्रदान करेंगे।
सरकार के अनुसार यह पहल विकसित भारत-2047 के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके तहत डेटा आधारित, जलवायु-अनुकूल और आपदा-प्रतिरोधी परिवहन प्रणाली विकसित करने, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और हरित बहु-माध्यम परिवहन नेटवर्क को सशक्त बनाने पर बल दिया जा रहा है।
विस्तारित ब्रिक्स समूह में वर्तमान में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। यह समूह विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। सरकार का मानना है कि नागपुर में होने वाली यह बैठक परिवहन क्षेत्र में सहयोग को नई गति देगी, क्षेत्रीय और अंतरमहाद्वीपीय संपर्क को मजबूत करेगी, कारोबार सुगमता और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाएगी तथा अधिक सशक्त वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में योगदान देगी।
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