बेंगलुरु , अक्टूबर 31 -- कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने नागपुर में कांग्रेस की जीत को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक व्यापक राजनीतिक चुनौती करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने नफरत फैलाने वाले एक संगठन को 'गर्दन से पकड़ लिया है' और एलान किया कि उनकी पार्टी इस लड़ाई को पूरे देश में ले जाएगी।
आरएसएस के मुख्यालय नागपुर का जिक्र करते हुए श्री हरिप्रसाद ने कहा कि वहां के चुनाव परिणाम एक शहर से आगे एक बड़ा राजनीतिक संदेश देता है।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, " कन्नड़ में नागपुर का अर्थ 'हवनपुर' होता है। हमने देश में नफरत का जहर फैलाने वाले एक संगठन को गर्दन से पकड़ लिया है। वहां से जो शुरुआत हुई है, वह यह संदेश देगी कि हम उन्हें पूरे देश में हराएंगे।"उनकी इन टिप्पणियों का उद्देश्य नागपुर के परिणाम को आरएसएस के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक बयान बनाना था, साथ ही कांग्रेस के अभियान को देश की राजनीतिक और वैचारिक दिशा पर एक राष्ट्रव्यापी मुकाबले के रूप में पेश करना था।
इस बयानबाजी की तात्कालिक वजह नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव परिणाम था, जहां कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।
उल्लेखनीय है कि नागपुर में ही आरएसएस का मुख्यालय है। श्री हरिप्रसाद ने विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस को हराने के भाजपा के दावों को भी खारिज कर दिया और कई क्षेत्रों में भाजपा की चुनावी हार का हवाला दिया। उनके ये बयान चुनाव परिणामों को लेकर दोनों दलों के बीच चल रहे जुबानी जंग के दौरान आए हैं।
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