नागपुर , फरवरी 18 -- महाराष्ट्र में नागपुर के पास केरल एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक कम उम्र के बाघ की मौत हो गयी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात नागपुर शहर से कुछ किलोमीटर दूर बुटीबोरी वन क्षेत्र में सुकली (घरपुरे) बीट से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर घटित हुई।
अधिकारियों ने बताया कि बाघ की उम्र करीब डेढ़ साल बताई जा रही है। वह ब्रह्म कुमारी आश्रम के करीब विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन परिसर के पास जामथा के पास मरा हुआ मिला। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन नंबर 12625 के लोको पायलट ने टक्कर के बाद रेलवे अधिकारियों को अलर्ट किया। इसके बाद यह जानकारी बुटीबोरी वन विभाग को दी गई।
वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नागपुर के पारगमन उपचार केंद्र की एक टीम ने लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए सेमिनरी हिल्स भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि नागपुर जिले में ट्रेन दुर्घटना में किसी बाघ की मौत का यह पहला मामला है। हालांकि, पड़ोसी चंद्रपुर जिले में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं, जहां पहले भी रेलवे टक्करों में कई बाघ और दूसरे जंगली जानवर मारे जा चुके हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवरों के रहने की जगहों से गुजरने वाली रेलवे लाइनों और राजमार्ग की वजह से अक्सर जानवरों की मौत होती है। बुटीबोरी इलाका एक ज़रूरी वन्यजीव गलियारा के तौर पर काम करता है, जिससे नागपुर और वर्धा जिलों के बीच बाघों का आना-जाना आसान होता है।
जंगली जानवरों की मौत को कम करने के उपायों के तहत, ब्रह्मपुरी-चंद्रपुर रेलवे मार्ग पर एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (ईडब्ल्यूएस) का परीक्षण किया जा रहा है। इस रेलवे मार्ग को राज्य के सबसे ज़्यादा वन्यजीव-संवेदनशील हिस्सों में से एक माना जाता है। वन्यजीव संरक्षण ट्रस्ट (डब्ल्यूसीटी) के एक प्रस्ताव के बाद राज्य के वन विभाग की मंज़ूरी से यह प्रणाली लगाया जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस इलाके के दूसरे कमज़ोर गलियारे के लिए भी इसी तरह के बचाव के तरीकों पर विचार किया जा सकता है।
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