नागपुर , अक्टूबर 20 -- महाराष्ट्र में नागपुर की दीक्षाभूमि पर मंगलवार को 70वें 'धम्मचक्र प्रवर्तन दिन' समारोह में शामिल होने के लिए देशभर से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के लाखों अनुयायी पहुंचे।
यह ऐतिहासिक अवसर 14 अक्टूबर, 1956 को डॉ. आंबेडकर और उनके अनुयायियों द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने की घटना की याद दिलाता है और इस अवसर पर गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और समानता, बंधुत्व तथा सामाजिक न्याय के आदर्शों का जश्न मनाया जाता है।
दीक्षाभूमि परिसर में अनुयायियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। पूरा इलाका नीले झंडों, डॉ. आंबेडकर की तस्वीरों और बौद्ध संदेशों से सजा हुआ है। श्रद्धालुओं ने डॉ. आंबेडकर और भगवान बुद्ध के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए स्मारक स्तूप के दर्शन किए। मुख्य समारोह की अध्यक्षता दीक्षाभूमि स्मारक समिति के अध्यक्ष भदंत आर्य नागार्जुन सुरई ससाई करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों से बौद्ध विद्वानों और भिक्षुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
स्मारक समिति, नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के माध्यम से दीक्षाभूमि में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों के बारे में भी जानकारी देगी। यह वार्षिक आयोजन आंबेडकरवादी आंदोलन और बौद्ध अनुयायियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो समानता, मानवीय गरिमा और सामाजिक परिवर्तन के आदर्शों का प्रतीक है।
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