उज्जैन , अगस्त 12 -- मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट नागपंचमी पर्व पर 16 अगस्त की मध्यरात्रि से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। मंदिर के पट वर्ष में केवल एक बार 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं।
श्रावण मास में भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बार नागपंचमी पर्व के साथ श्रावण मास का तृतीय सोमवार होने से भगवान श्री महाकाल की सवारी भी नगर भ्रमण पर निकलेगी। इसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है।
भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर तीन खंडों में विभक्त है। सबसे नीचे भगवान श्री महाकालेश्वर, दूसरे खंड में भगवान श्री ओंकारेश्वर और सबसे ऊपर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर का मंदिर स्थित है। नागचंद्रेश्वर मंदिर नागपंचमी पर्व पर वर्ष में केवल एक बार 24 घंटे के लिए आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है।
इस बार भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट 16 अगस्त की रात 12 बजे से 17 अगस्त की रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन एवं मंदिर प्रबंध समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रौशन कुमार सिंह ने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सुगम दर्शन, पार्किंग, यातायात, पेयजल, साफ-सफाई और चिकित्सा सहित अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर सहित संपूर्ण मंदिर परिसर और बाहरी क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई व्यवस्था की जाएगी। नागपंचमी पर्व के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों को ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। निःशक्तजन, दिव्यांगजन एवं वृद्ध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की जाएगी।
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