मानसा , अक्टूबर 30 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने शुक्रवार को मानसा में परविंदर सिंह झोटा को न्यायदिलाने की मांग को लेकर चल रहे धरने में शामिल होकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के युवा नशों की भेंट चढ़ रहे हैं, जबकि सरकार विज्ञापनों और खोखले दावों के जरिएअपनी उपलब्धियां गिनाने में जुटी है।
श्री सिंह ने कहा कि यदि राज्य में नशीले पदार्थ का सेवन खत्म हो रहा है तो रोजाना तबाह हो रहे परिवारों की पीड़ा का जवाब कौन देगा। उन्होंने सवाल उठाया कि नशा तस्करों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और उन्हें कथित तौर पर सरकारी संरक्षण क्यों मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नशों के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा के लिए लोगों को न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। यह सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने झोटा के मामले में न्याय सुनिश्चित करने और नशों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा की मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष गांव भम्मे कलां में नशे के कारण जान गंवाने वाले दलजीत सिंह के घर भी पहुंचे। उन्होंने दलजीत की मां और पत्नी से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक मां ने अपना बेटा, पत्नी ने अपना जीवनसाथी खो दिया औरबच्चे पिता के साये से वंचित हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि इन परिवारों के दर्द का जवाब कौन देगा।
श्री सिंह ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया था,लेकिन अब सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस प्रभावित परिवारों को अकेलानहीं छोड़ेगी और दलजीत सिंह के परिवार को न्याय दिलाने तथा झोटा के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।उन्होंने कहा कि युवाओं की जान बचाने में विफल सरकार को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नशे की समस्या पर जवाब देने और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
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