बरनाला/ अमृतसर , अगस्त 25 -- श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च मंगलवार को दूसरे चरण के तहत गुरुद्वारा बीबी प्रधान कौर जी, बरनाला से खालसाई जाहो-जलाल के साथ अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ।
इस अवसर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी तथा तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह सहित कई प्रमुख धार्मिक हस्तियां मौजूद रहीं।
संगत को संबोधित करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब में नशे के कारण युवाओं की हो रही मौतों पर चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ युद्ध की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने दावा किया कि चिट्टे जैसे नशे के कारण रोजाना कीमती जानें जा रही हैं और शायद ही कोई गांव ऐसा हो जहां नशे से मौत न हुई हो। उन्होंने कहा कि खालसा मार्च का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर कर गुरबाणी और गुरमत से जोड़ना है। उन्होंने लोगों से सरकारों की ओर देखने के बजाय नशे के खिलाफ स्वयं एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा शक्ति में अपार क्षमता है और मेहनत के बल पर वह राज्य का भविष्य बदल सकती है।
ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि वर्तमान समय में पंथ को चुनौती देने वाली कई ताकतें सक्रिय हैं और गुरु-द्रोही तथा पंथ विरोधी ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें गुरु घर की परंपराओं और सिख संस्थाओं को लेकर भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने संगत से धर्म में हस्तक्षेप करने वाली ताकतों से सचेत रहने की अपील की।
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि जब सरकारें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे हटती हैं, तो धार्मिक संस्थाएं अपना दायित्व समझकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लोगों को जागरूक करती हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब में नशे की समस्या को गंभीरता से महसूस करते हुए संगत को सिख सिद्धांतों से जोड़ने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लामबंद करने के लिए विभिन्न सिख संगठनों के सहयोग से खालसा मार्च शुरू किया है।
एडवोकेट धामी ने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में स्थापित सिख संस्थाओं को कमजोर करने के लिए कई ताकतें प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इनका उद्देश्य सिख संस्थाओं को कमजोर करना और सिखों में भ्रम पैदा करना है। उन्होंने संगत से ऐसी पंथ विरोधी ताकतों को उचित जवाब देने की अपील की। साथ ही उन्होंने निहंग सिंह दलों, निर्मले, उदासी संप्रदायों और अन्य धार्मिक संगठनों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह ने कहा कि बच्चों को बुरी संगत और नशे के प्रभाव से बचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के प्रति अधिक सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि बच्चों को गुरबाणी और गुर इतिहास से जोड़ा जाए तो आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
इस अवसर पर हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह ढोटियां ने कथा-विचार प्रस्तुत किये। मीरी-पीरी खालसा मार्च गुरुद्वारा बीबी प्रधान कौर जी, बरनाला से रवाना होकर विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए गुरुद्वारा टाहलियाणा साहिब, रायकोट पहुंचेगा। वहां से मार्च बुधवार को अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा।
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