तलवंडी साबो , अक्टूबर 30 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के इशारे पर मानसा पुलिस ने नशे की ओवरडोज से जान गंवाने वाले युवक दलजीत सिंह का शव जबरन कब्जे में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नशा पीड़ित परिवारों का साथ देने के बजाय नशा तस्करों को संरक्षण दे रहे हैं।

तलवंडी साबो में शुक्रवार को शिअद की ओर से आयोजित 'मां-बेटी ललकार इंसाफ' रैली को संबोधित करते हुए हरसिमरत ने कहा कि भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह का परिवार शव को मानसा में धरना स्थल पर ले जा रहा था, जहां नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का परिवार न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पहले झोटा के मामले में कार्रवाई नहीं की और अब दलजीत सिंह का शव कब्जे में लेकर शर्मनाक कार्रवाई की है।

हरसिमरत ने दावा किया कि बीती रात पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान एसएसपी ने उन्हें भी घटना के बारे में गलत जानकारी दी।महिलाओं से नशे के खिलाफ अभियान की कमान अपने हाथ में लेने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि शिअद की 'माई भागो दी फौज' में शामिल होने के लिए महिलाएं बड़ी संख्या में पंजीकरण करा रही हैं और नशा तस्करों का विरोध भी कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं से गांवों और मोहल्लों में नशे की बिक्री, तस्करों, उन्हें कथित संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारियों और आम आदमी पार्टी के नेताओं की जानकारी जुटाने तथा घटनाओं की रिकॉर्डिंग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिअद सत्ता में आने पर इन शिकायतों की जांच के लिए महिला पुलिस महानिदेशक की अगुवाई में विशेष कार्यबल गठित करेगा।

उन्होंने कहा कि अगली शिअद सरकार नशा तस्करों और उनके सरगनाओं के खिलाफ सख्त कानून लाएगी, जिसके तहत उन्हें दस साल तक जमानत के बिना जेल में रखने और उनकी संपत्तियां जब्त करने का प्रावधान होगा। जब्त संपत्तियों से मिलने वाली राशि नशे के पीड़ितों के पुनर्वास पर खर्च की जाएगी।उन्होंने नशे की ओवरडोज से बेटे को खोने वाली पुष्पा नामक महिला से भी बातचीत की। हरसिमरत ने कहा कि महिलाएं उनसे मिलकर नशे की समस्या खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग करती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री उनकी गुहार नहीं सुन रहे। उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुख्यमंत्री द्वारा मुलाकात नहीं करने की भी आलोचना की और कहा कि परिवार 15 दिन से अधिक समय से न्याय की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहा है।

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