जांजगीर-चांपा , जून 29 -- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के कोसमंदा गांव में विवाह मंडप में नशे की हालत में पहुंचे दूल्हे से शादी करने से इनकार कर चर्चा में आई मुस्कान प्रधान को जिला पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान का यूथ आइकन बनाया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने उनके साहस की सराहना करते हुए महिला परिवार परामर्श केंद्र में मानदेय के साथ जिम्मेदारी देने की भी घोषणा की है। जिसकी जानकारी आज जिला पुलिस अधीक्षक ने साझा की।
वहीं मुस्कान ने घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि 23 जून की शाम बारात पहुंचने के बाद द्वार पूजा की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उन्होंने देखा कि दूल्हा अपने पैरों पर ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। उनके अनुसार, दूल्हा शराब के नशे में लड़खड़ा रहा था और उसे चार लोग संभाल रहे थे। यह देखकर उन्होंने उसी समय स्पष्ट शब्दों में कह दिया, "मैं शादी नहीं करूंगी।"उन्होंने कहा कि उनके इस निर्णय के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला। मुस्कान ने कहा, "अगर आज चुप रही, तो पूरी जिंदगी पछताना पड़ेगा। जिस लड़के को चार लोग संभाल रहे थे, वो मेरा जीवन कैसे संभालता-संवारता।"मुस्कान ने बताया कि उनके निर्णय में उनकी मां सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी मां ने मजदूरी कर चार बच्चों का पालन-पोषण किया और हमेशा आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की सीख दी। इसी वजह से विवाह वाले दिन उन्होंने समाज और रिश्तेदारों के दबाव की परवाह नहीं की।
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