चंडीगढ़ , अक्टूबर 20 -- पंजाब में नशे के खिलाफ 100 घंटे के भीतर निर्णायक कार्रवाई करने के ऐलान के बाद भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (बीआरपी) ने अपने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
पार्टी ने आशंका व्यक्त की है कि नशे के कारोबार के खिलाफ उसके कड़े रुख के कारण उसके नेताओं को निशाना बनाया जा सकता है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज चौबे ने मंगलवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पंजाब प्रभारी सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां सहित अन्य पदाधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है। उन्होंने संदिग्ध संचार की जांच कराने और नेताओं की सुरक्षा की समीक्षा करने की मांग की है।
पत्र के अनुसार, 25 अगस्त 2026 की रात चंडीगढ़ स्थित ग्रेवाल के आवास के आसपास व्हाट्सऐप और अन्य ऐप के माध्यम से संदिग्ध बातचीत होने की सूचना मिली थी। पार्टी ने पहले प्राप्त धमकी भरे ई-मेल और लुधियाना के जमालपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 0221 का भी हवाला दिया है।
बीआरपी ने संबंधित एजेंसियों से डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच कर खतरे का आकलन करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
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