फगवाड़ा , अक्तूबर 19 -- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की फगवाड़ा इकाई के उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह शेरगिल ने सोमवार को कहा कि यदि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में नशे की समस्या को लेकर वास्तव में गंभीर हैं, तो उन्हें नशा तस्करी रोकने में पंजाब पुलिस की भूमिका और कार्यप्रणाली की समीक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
श्री शेरगिल ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह के परिवारों से श्री शाह की मुलाकातों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल प्रभावित परिवारों से मिलना पर्याप्त नहीं है। नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और कथित तौर पर इस अवैध कारोबार को जारी रहने देने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के वास्ते ठोस कार्रवाई जरूरी है।
बसपा नेता ने पंजाब में नशे की आपूर्ति शृंखला को तोड़ने में कथित पुलिस लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में पुलिस महानिदेशक की जवाबदेही या लापरवाही सामने आती है, तो उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए और दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
श्री शेरगिल ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी और प्रभावित परिवारों से मुलाकातों भर से नशे की समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए नशा तस्करों, उन्हें कथित संरक्षण देने वालों और आपूर्ति शृंखला में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क लगातार सक्रिय रहने से कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।
पंजाब के युवाओं पर नशे के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अनेक परिवार अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे जवाबदेही तय करें, तस्करी रोकने के प्रभावी कदम उठाएं और अपनी कार्रवाई के परिणाम सार्वजनिक करें।
श्री शेरगिल ने केंद्र और पंजाब सरकार से राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर समन्वित और परिणामोन्मुखी रणनीति अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म करने और जहां भी प्रशासनिक लापरवाही साबित हो, वहां निष्पक्ष कार्रवाई करने से ही इस समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
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