बैतूल , अप्रैल 15 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नशे की लत में डूबे एक बेटे ने अपनी ही मां की हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने और मामले को छिपाने के लिए अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता से पूरे मामले का खुलासा हो गया।

पुलिस के अनुसार 14 अप्रैल को अंजनी उबनारे, निवासी सौंसर (जिला पांढुर्णा) ने डायल 112 पर सूचना दी कि उसकी बहन शकुंतला गुजरे (62), निवासी बोडखी, की शव यात्रा निकाली जा रही है। उसने आशंका जताई कि मृतका के शरीर पर चोट के निशान हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सूचना मिलते ही आमला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला में पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण "हेमरेजिक शॉक" सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मर्ग जांच के आधार पर मृतका के बेटे दीपांशु गुजरे के खिलाफ अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी आमला शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार कर लिया।

आरोपी ने बताया कि वह शराब का आदी है और पूर्व में भोपाल के नशा मुक्ति केंद्र में रह चुका है। करीब एक माह पहले ही वह आमला लौटा था। यहां वह अपनी मां से शराब के लिए पैसे मांगता था, लेकिन मना करने पर गुस्से में आकर उसने लोहे के पाइप और चप्पल से हमला कर मां की हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपी ने खून के निशान पानी से साफ किए और घटना को छिपाने के उद्देश्य से अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त लोहे का पाइप, चप्पल, मृतका के कपड़े और चादर जब्त कर लिए हैं। साक्ष्य छिपाने की धारा भी प्रकरण में जोड़ी गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक रविकांत डेहरिया, उप निरीक्षक बलराम यादव सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि परिवार में किसी भी प्रकार का विवाद, मानसिक तनाव या नशे की समस्या होने पर समय रहते परामर्श लें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे गंभीर अपराधों को रोका जा सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित