मानसा/ अमृतसर , अक्टूबर 22 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरुवार को नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के दौरान शहीद हुए परविंदर सिंह झोटा के चार घायल साथियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे ।

एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा घोषित सहायता को अमली रूप देते हुए ये चेक आज तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, एसजीपीसी की अंतरिम समिति के सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर और उपसचिव आजाददीप सिंह ने घायल युवकों से मुलाकात कर सौंपे। इस अवसर पर परविंदर सिंह के पिता भीम सिंह भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के दौरान हुई एक घटना में भाई परविंदर सिंह झोटा की मृत्युहो गई थी, जबकि उनके चार साथी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी और ज्ञानी टेक सिंह ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर दुख साझा किया था तथा घायलों के उपचार और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया था।

इस अवसर पर ज्ञानी टेक सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए साहसपूर्वक आवाजउठाने वाले परविंदर सिंह की कुर्बानी पूरे सिख समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराईके खिलाफ संघर्ष करना समय की बड़ी जरूरत है और इस दिशा में प्रयास करने वाले युवाओं के साथ खड़ा होना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी दुख की इस घड़ी में घायल युवकों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है। समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।

ज्ञानी टेक सिंह ने घायल युवकों के जल्द स्वस्थ होने की अरदास करते हुए कहा कि भाई परविंदर सिंह झोटा की कुर्बानी नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर तख्त श्री दमदमा साहिब के प्रबंधक नरिंदरजीत सिंह भवानीगढ़, प्रबंधक मनदीप सिंह माखा, राजिंदर सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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