जम्मू , अप्रैल 11 -- केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ते हुए शनिवार को "नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर" के लिए 100 दिनों का जन अभियान शुरू किया।
इस अभियान की शुरुआत मौलाना आज़ाद स्टेडियम से की गई। उपराज्यपाल ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई और हजारों नागरिकों, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ स्टेडियम से परेड ग्राउंड तक वॉकथॉन में हिस्सा लिया। यह अभियान "नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान" के तहत 100 दिनों तक गहन रूप से चलाया जाएगा।
इस मौके पर श्री सिन्हा ने कहा कि यह अभियान छह चरणों में आगे बढ़ेगा-जागरूकता अभियान, युवाओं पर केंद्रित कार्यक्रम, सामुदायिक भागीदारी, सख्त प्रवर्तन, पुनर्वास और मूल्यांकन। उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने इस मुहिम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, "हमने एक ऐसा संकल्प लिया है जो हर गांव, कस्बे, शहर और हर घर तक पहुंचेगा। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर के लिए यह सामूहिक प्रयास जरूरी है।"उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ी और समझौता न करने वाली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि तस्करों की संपत्ति जब्त की जाएगी, बैंक खाते फ्रीज होंगे और पासपोर्ट, आधार तथा अन्य लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीमा पार से नशे की तस्करी कर समाज को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिसे हर हाल में रोका जाएगा। दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने ड्रग तस्करों के खिलाफ नई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) लागू की है। इसके तहत फरार आरोपियों के खिलाफ तुरंत लुकआउट सर्कुलर जारी किया जाएगा और उनकी चल-अचल संपत्ति जब्त की जाएगी। इसके साथ ही, 2 अप्रैल को "जम्मू-कश्मीर नशा उपयोग विकार उपचार, परामर्श और पुनर्वास केंद्र नियम 2026" अधिसूचित किए गए हैं, ताकि सभी केंद्रों की निगरानी सुनिश्चित की जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
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