फगवाड़ा , सितंबर 17 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने अपनी ही पार्टी की प्रस्तावित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।
श्री ग्रेवाल ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सवाल करते हुए कहा कि पंजाब के नशे के संकट को राजनीतिक कार्यक्रम का रूप देने के बजाय केंद्र को इस मामले की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका का हवाला देते हुए पूछा कि सीमा पार से पंजाब में मादक पदार्थों की कथित तस्करी के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ने के दावों पर भी केंद्र से जवाब मांगा।
उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष उपलब्ध सामग्री और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने न्यायमूर्ति अजीत सिंह बैंस की रिपोर्ट और कथित 6,000 करोड़ रुपये के नशा मामले से जुड़े प्राथमिकी का हवाला देते हुए आगे की कार्रवाई के बारे में जवाब मांगा। उन्होंने रिपोर्ट के पृष्ठ 11 में परमिंदर सिंह बराड़ और बोनी अजनाला के नाम होने का दावा करते हुए भाजपा में उनकी जिम्मेदारियों और वाई-प्लस सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
श्री ग्रेवाल ने अपने 2015 के नशा विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उनके अभियान में उनके अनुसार 1,000 से अधिक वाहन शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के मुद्दे पर लोगों को राजनीतिक संदेश के बजाय जवाबदेही और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब में प्रस्तावित यात्रा से पहले नशा तस्करी के मामलों की जांच और उचित कार्रवाई करने की अपील की।
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