उदयपुर , जून 11 -- राजस्थान के उदयपुर में सामाजिक न्याय एवं सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय, के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत बढ़ते नशे के प्रचलन से युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखने और समाज में जागरूकता का वातावरण बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आरोग्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति की सेहत को ही नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है।
आरोग्य सेवा संस्थान के निदेशक नरपत सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा 'नशा मुक्त भारत अभियान' केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है। उन्होंने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स नशे के अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
श्री चौहान ने कहा कि शिक्षण संस्थान, अभिभावक, सामाजिक संगठन और युवा एकजुट होकर जागरूकता फैलाएं तो नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वस्थ, जागरूक और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
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