मोतिहारी , अक्टूबर 28 -- बिहार को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान के तहत पूर्वी चंपारण जिले में एक माह तक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बुधवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिये।
'नशे की जंजीर तोड़ो, खुशहाल जीवन से नाता जोड़ो' के संदेश के साथ मुख्यमंत्री द्वारा 27 अक्टूबर को शुरू किए गए इस अभियान को जिले में चार चरणों में संचालित किया जाएगा।
मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त ने बैठक में बताया कि 27 से 31 अक्टूबर तक 'नगर की प्रतिज्ञा', एक से सात नवंबर तक 'गांव का संकल्प', आठ से 16 नवंबर तक 'पर्व और परिवार' तथा 17 से 25 नवंबर तक 'युवा जोश' के तहत जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान के पहले चरण में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों और बाजारों में मद्य निषेध संबंधी नारे, पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे। नगर निकायों के सार्वजनिक कार्यों में उपयोग होने वाले वाहनों से जागरूकता संदेश प्रसारित करने के साथ नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जाएगा।
पंचायती राज विभाग ग्राम पंचायत भवनों पर नशामुक्ति संबंधी संदेश अंकित कराने और पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करने की पहल करेगा। नशामुक्ति वाहन और एलईडी वैन के जरिए भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
जीविका समूहों की महिलाओं को अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में जीविका दीदियों के बीच से एक नशामुक्ति मित्र का चयन कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। शिक्षा विभाग विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में निबंध लेखन, वाद-विवाद सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा कला जत्था के माध्यम से नुक्कड़ नाटकों का आयोजन करेगा।
जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर बड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश सहायक आयुक्त मद्य निषेध को दिये।
बैठक में नगर आयुक्त आशीष कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और जीविका से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
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