जालंधर , जून 23 -- पंजाब के बागबानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने मंगलवार को कहा कि राज्य से नशीले पदार्थ के सेवन का मामला का पूरी तरह खात्मा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके खिलाफ छेड़ी गयी लड़ाई पूरी दृढ़ता और गंभीरता के साथ जारी है, ताकि राज्य को फिर से "रंगला पंजाब" बनाया जा सके।
जालंधर में 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान के तहत आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए श्री भगत ने कहा कि पंजाब सरकार की नशा विरोधी मुहिम अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और समाज के हर वर्ग से इसे व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए अनेक नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास और मुख्यधारा में वापसी के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, रोजगार और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने गांवों और शहरों में गठित विलेज डिफेंस कमेटियों और वार्ड डिफेंस कमेटियों की सराहना करते हुए कहा कि इनके सदस्य निडर होकर नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कमेटी सदस्यों से इस अभियान को और मजबूत करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के नेता नितिन कोहली ने कहा कि पंजाब सरकार नशों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जालंधर (देहात) हरविंदर सिंह विर्क ने जिले में नशा तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री भगत ने कहा कि पंजाब का इतिहास चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने और उन्हें परास्त करने का रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त कर विकास और तरक्की की नयी ऊंचाइयों को छुएगा।
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