चंडीगढ़ , सितंबर 21 -- पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे राजनीतिक अभियानों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि सभी दलों को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर अपने शासनकाल में नशों की स्थिति का हिसाब देना चाहिए। सुश्री चावला ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दशक में विभिन्न राजनीतिक दलों ने पंजाब में शासन किया है और उन्हें बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में नशीले पदार्थों की समस्या कितनी बढ़ी तथा इससे कितने लोगों की जान गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि नशामुक्ति के नाम पर चल रहे अभियान कहीं चुनावी गतिविधियों तक सीमित न रह जाएं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर हैं, तो उन्हें पहले शराब की बिक्री और उसके प्रसार पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं को नशा नहीं करने तथा नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का समर्थन नहीं करने का संकल्प दिलाने की अपील की। सुश्री चावला ने कहा कि नशे के मुद्दे पर केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

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