चम्पावत , अप्रैल 12 -- उत्तराखंड के चम्पावत जिले के दूधपोखरा निवासी युवा कृषक कमल गिरी बागवानी और बहुआयामी कृषि के क्षेत्र में अपनी नवाचारी पहल से रोल मॉडल बनकर उभरे हैं। उनके कार्यों से प्रभावित होकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उनके फार्म का निरीक्षण कर सराहना की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फार्म में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों, फसलों के विविधीकरण और स्वरोजगार के सफल मॉडल की जानकारी ली। इस दौरान सेब, कीवी, तेजपत्ता और बड़ी इलायची समेत विभिन्न फसलों के उत्पादन और विपणन व्यवस्था पर चर्चा की गई।

कमल गिरी ने बताया कि उन्होंने उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत सेब और कीवी उत्पादन शुरू किया। वर्तमान में वे करीब 15 नाली भूमि में 1000 से अधिक सेब के पेड़ों से उत्पादन कर रहे हैं और उच्च गुणवत्ता के फल 180 से 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं। उनके फार्म पर पर्यटक स्वयं फल तोड़कर खरीदने का अनुभव भी प्राप्त करते हैं, जिससे आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हुए हैं।

उन्होंने फार्म में पॉलीहाउस के माध्यम से सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मछली पालन जैसी गतिविधियां भी शुरू की हैं। इसके अलावा प्याज, काली हल्दी, अदरक, तेजपत्ता, आड़ू, प्लम, नींबू और कैमोमाइल चाय का उत्पादन कर वर्षभर आय सुनिश्चित की जा रही है।

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