नवांशहर , अक्टूबर 9 -- पंजाब में शहीद भगत सिंह नगर के जिला मजिस्ट्रेट गुलप्रीत सिंह औलख ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हथियारों के सार्वजनिक और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन, बिना अनुमति जुलूस निकालने और पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किये हैं तथा इसके अलावा, बैंकों एवं पेट्रोल पंपों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बेसहारा पशु छोड़ने, कुछ प्रजातियों के हरे पेड़ों की कटाई और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी निर्देश जारी किये गये हैं। ये आदेश पांच दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।

जारी आदेशों के अनुसार, विवाह समारोहों, मैरिज पैलेसों, रिसॉर्ट, मेलों, धार्मिक स्थलों, जुलूसों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में हथियार ले जाने तथा उनका प्रदर्शन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने और हिंसा या हथियारों को बढ़ावा देने वाले गीतों पर भी रोक लगायी गयी है। जिला पुलिस विभिन्न क्षेत्रों में औचक जांच करेगी। किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण देने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी।

एक अन्य आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, नारे लगाने, भड़काऊ भाषण देने तथा बिना अनुमति जुलूस, बैठक या रैली आयोजित करने पर रोक लगायी गयी है। विशेष परिस्थितियों में संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेकर सार्वजनिक बैठक या रैली की जा सकेगी। आदेश में निर्धारित सरकारी ड्यूटी, विवाह, शोक सभाओं और धार्मिक स्थलों के भीतर कीर्तन जैसी गतिविधियों को छूट दी गई है।

जिला मजिस्ट्रेट ने बैंकों के प्रबंधकों और पेट्रोल पंप संचालकों को अपने परिसरों में ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिये हैं, जिनमें कम से कम सात दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रह सके। आदेश के अनुसार इन प्रतिष्ठानों में लूट और चोरी की घटनाओं को रोकने तथा अपराधियों की पहचान में सहायता के लिए यह कदम उठाया गया है।

जिले में गायों सहित अन्य पशुओं को बेसहारा छोड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। संबंधित पुलिस, पशुपालन विभाग, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिकारियों को ऐसे मामलों का पता चलने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रशासन के अनुसार, बेसहारा पशु सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं और कानून-व्यवस्था की समस्या भी पैदा कर सकते हैं।

जिला मजिस्ट्रेट ने जिले में हरे आम, नीम, पीपल और बरगद के पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध लगाया है। विशेष परिस्थितियों में इन्हें काटने के लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक होगी। डीलिस्ट क्षेत्र से बाहर जिले में ऐसे पेड़ों की कटाई के लिए उपायुक्त कार्यालय से मंजूरी लेनी होगी। आदेश में कहा गया है कि ये पेड़ पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों तथा वन्यजीवों के आवास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जारी आदेशों के तहत राजनीतिक सभाओं, रैलियों, धरनों, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों, विवाह समारोहों और अन्य आयोजनों में लाउडस्पीकर, डीजे, ऑर्केस्ट्रा या अन्य ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल के लिए संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति लेनी होगी। अनुमति देते समय निर्धारित शोर सीमा और अन्य कानूनी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

जिले में रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा , हालांकि निर्धारित शर्तों के तहत सांस्कृतिक और धार्मिक अवसरों पर रात 10 बजे से 12 बजे तक अधिकतम 15 दिन सालाना छूट दी जा सकती है। ऐसे मामलों में भी निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित