उदयपुर , जून 22 -- राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र भारत की गौरवमयी परम्परा को पुनः जीवन्त करने का केन्द्र बन गया है।
श्री चतुर्वेदी सोमवार को राजस्थान में उदयपुर स्थित नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र का अवलोकन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नवलखा महल सांस्कृतिक केन्द्र के तहत हाल ही में तैयार किया गया नव प्रकल्प है जहां भारत की प्राचीन गौरवमयी परम्परा जीवन्त रूप में प्रकट हो गयी है।
उन्होंने ऐसे प्रकल्प को तैयार कराने वाले दानवीर एमडीएच समूह के अध्यक्ष राजीव गुलाटी का आभार प्रकट किया और कहा कि उनके द्वारा तैयार कराये गये इस प्रकल्प के माध्यम से देश विदेश से यहां आने वाले पर्यटक ऐसे गुमनाम क्रान्तिकारियों के जीवन चरित्र का दिग्दर्शन करते हैं जिन्होंने देश की स्वतंत्रता एवं गौरव के लिए अपने प्राणों की आहूति दी परन्तु उनका नाम इतिहास के पन्नों में दब गया है।
इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजस्थान में प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमोद सामर ने कहा कि नवलखा महल आर्य समाज को सुपुर्द करने से लेकर वर्तमान तक वह यहां से जुड़े हुए हैं। नवलखा महल जब आर्य समाज को प्राप्त हुआ तब बहुत ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था, लेकिन दानदाताओं और अशोक आर्य एवं उनके दल ने इस केन्द्र को अब अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातनाम बना दिया है।
उन्होंने कहा कि यहां के प्रकल्पों के माध्यम से स्थानीय जनता ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व की जनता यहां से शिक्षा, संस्कार और देश प्रेम की भावना के प्रति आकर्षित हो रही है। यहां की प्रगति के लिए हमारा हर संभव सहयोग रहेगा और यहां के विकास के लिए आ रही रूकावटों को दूर करने के लिए हम अपना पूर्ण सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर भाजपा उदयपुर शहर के जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नवलखा महल वह स्थान है, जहां आकर चित्त को शांति मिलती है और यहां विभिन्न प्रकल्प आर्यावर्त चित्रदीर्घा, राष्ट्रोन्नायक वीथिका, सुरेश चन्द्र दीनदयाल गुप्त मिनी थियेटर, सोलह संस्कार वीथिका, विशाल यज्ञशाला,पुस्तकालय और राष्ट्र मंदिर, सभी प्रकल्प एक से बढ़कर एक हैं। ऐसे प्रकल्प विश्वभर में कहीं नहीं है। अतः यहां युवा पीढ़ी और बालकों को विशेष रूप से आना चाहिए और यहां के प्रकल्पों से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए।
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