कानपुर , अक्टूबर 06 -- विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कानपुर प्रान्त के प्रतिनिधिमंडल ने आगामी शारदीय नवरात्र के मद्देनजर देवी मंदिरों, धार्मिक मेलों और डांडिया-गरबा आयोजनों में सुरक्षा, व्यवस्था और धार्मिक मर्यादा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के बाद विहिप के प्रान्त मंत्री एडवोकेट राजू पोरवाल ने कहा कि नवरात्रि जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व है। इस दौरान माता तपेश्वरी मंदिर (बिरहाना रोड), आशा देवी मंदिर (कल्याणपुर), मां बारह देवी मंदिर (जूही) सहित विभिन्न देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डांडिया और गरबा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में इन आयोजनों की शुचिता, परंपरा और सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से उत्सवों के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की।

बजरंग दल के प्रान्त सह-संयोजक अमरनाथ ने बताया कि ज्ञापन में धार्मिक स्थलों और मेला परिसरों के आसपास अनधिकृत दुकानों तथा अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने, पूजन सामग्री और खान-पान की दुकानों के संबंध में नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई है।

इसके अलावा डांडिया और गरबा आयोजकों, व्यवस्थापकों एवं प्रतिभागियों के लिए थाना स्तर पर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने तथा आयोजकों से सुरक्षा एवं व्यवस्था संबंधी मानकों का लिखित अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई। प्रमुख मंदिरों और आयोजन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, नियमित पुलिस गश्त और औचक निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था के साथ महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग भी की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन को पूरा सहयोग करेंगे।

प्रतिनिधिमंडल में प्रान्त अध्यक्ष राजीव महाना, प्रान्त कार्याध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल, प्रान्त मंत्री राजू पोरवाल, विभाग अध्यक्ष नरेश माहेश्वरी, बजरंग दल के प्रान्त सह-संयोजक अमरनाथ, प्रान्त विद्यार्थी संपर्क प्रमुख नरेश तोमर तथा चारों बजरंग दल जिला संयोजक रौनक राय (पश्चिम), मोहित (उत्तर), विशेष (दक्षिण) और आकाश (पूर्व) समेत कालीचरण, प्रशांत एवं अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

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