भिण्ड , अक्टूबर 20 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता मिश्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार जब्त कर ली है। आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ बादशाह जाटव से पूछताछ के बाद पुलिस उसे पचनदा ले गई, जहां यमुना नदी के पुल से शव फेंके जाने की घटना का क्राइम रीक्रिएशन कराया गया। घटना के आठ दिन बाद भी स्नेहलता का शव नहीं मिल सका है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कॉलेज में विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाने वाले एजेंट दीपक बादल से ग्वालियर से कार मंगवाई थी। पुलिस अब कार की एफएसएल और फिंगरप्रिंट जांच कराकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाएगी। कार को फिंगरप्रिंट जांच के लिए सागर भेजने की तैयारी है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि स्नेहलता को अपने जीवन से हटाने और बच्चे को अपने पास रखने की इच्छा के चलते उसने हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, इस योजना में उसके परिचित राजवीर खन्ना और गोलू जाटव भी शामिल थे। आरोपी ने स्नेहलता को कॉलेज के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में कानपुर जाने का बहाना बनाकर साथ चलने के लिए तैयार किया था।

आरोपी के बताए घटनाक्रम के अनुसार, रास्ते में स्नेहलता पर हमला किया गया और गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद रात करीब तीन बजे पचनदा के पास यमुना नदी के पुल से शव नीचे फेंक दिया गया। पुलिस इन बयानों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटा रही है।

सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अनीता गुर्जर ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि शव फेंकते समय आरोपी ने अपना मोबाइल भी नदी में फेंक दिया था। स्नेहलता के शव की तलाश जारी है और तलाशी अभियान में मदद के लिए भोपाल से विशेषज्ञ टीम बुलाने की तैयारी की जा रही है।

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