चित्तौड़गढ़ , अक्टूबर 26 -- भारतीय किसान संघ ने हाल ही केन्द्र सरकार की अफीम नीति 2026-27 को किसानों केलिए अहितकारी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर धोखा देने का आरोप लगाया है।
भारतीय किसान संघ के प्रांतीय पदाधिकारी प्रकाश मेहता, शिवराज पुरी और सोहनलाल आंजना ने सोमवार को यहां पत्रकारों से कहा कि हाल ही में घोषित अफीम नीति किसानों के साथ सरकार का कुठाराघात है। उन्होंने श्रीमती सीतारमण पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे साथ कई दौर की बात हुई, जिसमें वित्त मंत्री ने हमारी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया था और किसानों के हित में नीति बनाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन सामने आई नीति इसके बिल्कुल उलट है।
श्री मेहता ने बताया कि मार्फीन की मात्रा बढ़ाने से अगले वर्ष हजारों पट्टे कटने की आशंका उत्पन्न हो गई है। अफीम के डोडे का सांद्रित चूर्ण (सीपीएस) में नौ सौ किलोग्राम डोडा देने वाले किसानों को इस वर्ष लुराई पट्टा देने की नीति से भी सरकार पलट गई। उन्होंने कहा कि डोडाचूरा को मादक द्रव्य एवं मनोत्तेजक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम से भी नहीं निकाला और न ही अफीम का खरीदी मूल्य बढ़ाया। साथ ही अन्य मांगों को भी नकार दिया।
उन्होंने कहा कि संघ ने सरकार के सामने प्रमुख मांगे रखी हैं, जिनमें अफीम का खरीद मूल्य 10 हजार रुपए प्रति किलोग्राम करने, सीपीएस में पर्याप्त डोडा देने वाले किसानों को लुराई पट्टे दिए जाने, कच्चा तौल बंद करने, सीपीएस में समान पट्टे दिए जाने और मार्फीन में कटौती करने की मांगें शामिल हैं।
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