कोलकाता , जून 18 -- राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार, केंद्र के साथ समन्वय स्थापित करते हुये दो डॉल्फिन पार्क बनाने की योजना बना रही है, जिसमें से एक हुगली नदी के किनारे बनाया जाएगा।

मंत्री ने जल संरक्षण पर आयोजित एक सेमिनार में कहा कि हुगली नदी के किनारे बनने वाले जलीय पार्क के सटीक स्थान पर अभी चर्चा चल रही है। दूसरा पार्क पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कांथी में बनाया जायेगा। इस सेमिनार में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी मौजूद थे।

अधिकारियों के अनुसार, इन डॉल्फिन पार्कों की स्थापना जलीय जैव विविधता के संरक्षण और साथ ही पर्यावरण-पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत की जा रही है।

सरकार पानी के उपयोग की निगरानी सुधारने और संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पानी के मीटर लगाने पर भी विचार कर रही है।

नमामि गंगे पहल के हिस्से के रूप में राज्य सरकार हुगली नदी के लिए एक गहन सफाई कार्यक्रम चलाने की योजना बना रही है। हुगली कोलकाता और हावड़ा से होकर बहने वाली गंगा की एक सहायक नदी है। विचाराधीन उपायों में बड़े पैमाने पर वर्षा जल संचयन परियोजनायें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य भूजल स्तर में सुधार करना और ताजे पानी के स्रोतों पर दबाव कम करना है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सेमिनार में कहा कि वे राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध करेंगे ताकि कोलकाता में पांच सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) स्थापित किए जा सकें। श्री पाटिल ने कहा, "पूरे बंगाल में 211 एसटीपी हैं। हम पांच और इकाइयां स्थापित करेंगे।"सरकार की योजना इन संयंत्रों की स्थापना के माध्यम से बिना उपचार किये गये गंदे पानी को हुगली और उससे जुड़े जलमार्गों में बहने से रोकने की भी है।इन प्रस्तावित सुविधाओं से शहरी स्वच्छता बुनियादी ढांचे के मजबूत होने और नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

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