दंतेवाड़ा , मार्च 13 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला में संचालित 'नन्हे परिंदे' के 20 विद्यार्थियों ने सैनिक विद्यालय चयन परीक्षा (जेएनवीएसटी) में सफलता पाई है। यह उपलब्धि नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

प्रशासन की ओर से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार इन चयनित छात्रों को अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण के तहत मेडिकल जांच के लिए बुलाया गया है। यह उनके अंतिम चयन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। पातररास स्थित इस प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना जिला प्रशासन ने दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। यहां विद्यार्थियों को नियमित कोचिंग, विषयगत मार्गदर्शन और अभ्यास परीक्षाओं के माध्यम से प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता है।

अनुभवी शिक्षकों की टीम बच्चों की अवधारणात्मक समझ को मजबूत कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए तैयार करती है। इस बार की सफलता को केंद्र के प्रशिक्षण पद्धति की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि यह सफलता बच्चों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का सामूहिक परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी चरणों में भी ये विद्यार्थी सफल होंगे और सैनिक विद्यालय में प्रवेश पाकर जिले का नाम रोशन करेंगे।

गौरतलब है कि दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील इलाके में बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर सीमित हैं। ऐसे में 'नन्हे परिंदे' केंद्र इन बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर कई बच्चे पूर्व में भी नवोदय विद्यालयों में चयनित हो चुके हैं।

इस उपलब्धि से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी उत्साह का माहौल है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। 'नन्हे परिंदे' केंद्र की यह सफलता इन प्रयासों की सार्थकता को प्रमाणित करती है।

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