नयी दिल्ली , अगस्त 07 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ककरौआ गांव के स्कूली बच्चों द्वारा बेतवा नदी पार करने के लिए चेक डैम के खंभों पर छलांग स्कूल जाने की मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है।
शुक्रवार को आयोग ने इस घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला मानते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही है तो बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन या आवागमन की व्यवस्था का अभाव उनके गरिमापूर्ण शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। रिपोर्ट के अनुसार, गांव के नौ छात्र-छात्राएं, जिनमें पांच लड़कियां शामिल हैं, प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर चेक डैम के खंभों पर छलांग लगाते हुए नदी पार करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि सड़क मार्ग से स्कूल की दूरी 13 किलोमीटर है, जबकि इस रास्ते से केवल 1.5 किलोमीटर रह जाती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चार अगस्त को बच्चों का चेक डैम के खुले खंभों पर छलांग लगाकर नदी पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने के कारण वे बच्चों को दूर स्थित स्कूल छोड़ने नहीं जा सकते। बताया गया कि एक छात्रा अपनी कम लंबाई के कारण खंभों को पार नहीं कर सकी और स्कूल न पहुंच पाने से उसकी अंतिम परीक्षा भी प्रभावित हुई।
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