रांची , मई 25 -- झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज गंगा दशहरा के अवसर पर लोहरदगा जिला स्थित चूल्हापानी में आयोजित "देवनद-दामोदर महोत्सव-2026" को संबोधित करते हुए कहा कि नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं।

श्री गंगवार ने कहा कि दामोदर नदी झारखण्ड की जीवनरेखा के रूप में जनजीवन, कृषि, उद्योग एवं सांस्कृतिक परंपराओं को समृद्ध करती रही है। इस आयोजन को नदियों एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का सशक्त अभियान बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में विश्व जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण एवं जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नदियों का संरक्षण मानव जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि जलस्रोत सुरक्षित रहेंगे, तभी जीवन और विकास का संतुलन संभव होगा।

श्री गंगवार ने कहा कि नदियों की स्वच्छता केवल शासन या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में "नमामि गंगे" परियोजना तथा "लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट (लाईफ)" जैसे अभियानों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण को जन-संकल्प का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

श्री गंगवार ने विशेष रूप से युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि नदियाँ जीवित रहेंगी, तभी सभ्यताएँ और जीवन सुरक्षित रहेंगे। इस अवसर पर उन्होंने दामोदर सहित सभी नदियों की स्वच्छता, संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

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