रांची , अगस्त 31 -- भारत सरकार के श्रम नियोजन विभाग के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, राँची के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), राँची कार्यालय-2 की दूसरी अर्धवार्षिक बैठक आज यहां दीपा टोली के जिमखाना क्लब में आयोजित हुई।

बैठक में समिति से संबद्ध कुल 36 केंद्रीय कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।

बैठक की अध्यक्षता शारिक तनवीर, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त 1 एवं अध्यक्ष, नराकास राँची कार्यालय 2 द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने राजभाषा अधिनियम, 1963 तथा राजभाषा नियम, 1976 के प्रभावी अनुपालन पर विशेष बल देते हुए कहा कि राजभाषा हिंदी केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से पत्राचार, टिप्पण, आदेश, अधिसूचनाओं, ई-ऑफिस प्रणाली तथा डिजिटल माध्यमों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।

उन्होंने विभिन्न संस्थाओं से आए प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि हिंदी संबंधी कार्य केवल औपचारिक लक्ष्यों की पूर्ति तक सीमित न रहें, बल्कि उनके पीछे की भावना और उद्देश्य को समझते हुए किए जाएँ। सरल एवं सहज हिंदी में प्रभावी संप्रेषण, समयबद्ध कार्यप्रणाली, प्रक्रियाओं का सरलीकरण, समाधान-केंद्रित सोच और नवाचार को हमारी कार्यशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

बैठक का स्वागत वक्तव्य संदीप सीजर टोप्पो, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त एवं सदस्य सचिव, नराकास द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों एवं सदस्य कार्यालयों का अभिनंदन करते हुए राजभाषा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना पर प्रकाश डाला। राजभाषा से संबंधित अधिनियमों की चर्चा करते हुए केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों को भेजे जाने वाले वार्षिक कार्यक्रम की जानकारी साझा की और राजभाषा के कार्यान्वयन में वार्षिक कार्यक्रम के महत्त्व को रेखांकित किया। मूल रूप से उन्होंने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले दस्तावेजों का और उनके द्विभाषी रूप में जारी किए जाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर अर्धवार्षिक राजभाषा समीक्षा के अंतर्गत सभी सदस्य कार्यालयों द्वारा हिंदी में किए गए कार्यों, प्रगति रिपोर्ट तथा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। समीक्षा बैठक में विभिन्न कार्यालयों की उपलब्धियों को सराहा गया तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी दिए गए।

बैठक का संचालन भवेश कुमार गुप्ता, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी, ईपीएफओ, राँची द्वारा किया गया, जिन्होंने राजभाषा से संबंधित बिंदुओं को सुव्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करते हुए बैठक को सार्थक दिशा प्रदान की।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विमल कुमार सिंह, सहायक भविष्य निधि आयुक्त द्वारा दिया गया। उन्होंने अध्यक्ष महोदय, सभी वरिष्ठ अधिकारियों, सदस्य कार्यालयों तथा आयोजन समिति के सदस्यों को बैठक की सफलता के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया।

यह अर्धवार्षिक बैठक राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुई, जिससे राँची नगर के केंद्रीय कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को और अधिक गति एवं सुदृढ़ता मिलने की अपेक्षा है।

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