भिण्ड , जुलाई 20 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले की मिहोना नगर परिषद में गुटबाजी और भेदभाव के आरोपों को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग के तीन पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद राजेश शितोले, वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद रेनू बरसेना तथा वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद उषा दौहरे ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में उनके वार्डों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना है कि पेयजल, सड़क, सीवर और नाली जैसी मूलभूत समस्याओं के संबंध में लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद परिषद द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद की बैठकों, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों में उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता है। उनके सुझावों की अनदेखी की जाती है तथा विकास योजनाओं में उनके वार्डों को प्राथमिकता नहीं दी जाती।

पार्षद राजेश शितोले ने कहा कि उनके वार्ड में पेयजल संकट गंभीर बना हुआ है। नल-जल योजना और बोरिंग का पानी लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे वार्डवासी परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद में केवल चुनिंदा वार्डों में ही विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

ज्ञापन में नगर परिषद के विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। पार्षदों ने सभी विकास कार्यों और व्यय की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी अथवा जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे तथ्यों को छिपाने की आशंका उत्पन्न होती है। पार्षदों ने कलेक्टर से आरटीआई संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने तथा इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

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