बैतूल , जुलाई 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नगर पालिका परिषद को नगर निगम में परिवर्तित करने की प्रक्रिया के बीच प्रस्तावित क्षेत्रों से विरोध और समर्थन की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां ग्राम पंचायत भोगीतेढ़ा के ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल किए जाने का विरोध दर्ज कराया है, वहीं बैतूल बाजार नगर परिषद ने सर्वसम्मति से नगर निगम में शामिल होने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार नगर निगम गठन के प्रस्ताव के तहत 29 ग्राम पंचायतों के 74 गांवों को शामिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। भोगीतेढ़ा ग्राम पंचायत की महिलाओं ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर नगर निगम में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई। विभिन्न स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि उनका क्षेत्र कृषि प्रधान है और वे ग्राम पंचायत का स्वरूप बनाए रखना चाहती हैं। उनका कहना है कि नगर निगम में शामिल होने से ग्रामीण पहचान तथा कृषि संबंधी आवश्यकताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि 10 जुलाई को आयोजित ग्राम सभा में विरोध के बावजूद उन्हें हस्ताक्षर करने का अवसर नहीं दिया गया तथा ग्राम सभा की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं अपनाई गई। उन्होंने निष्पक्ष रूप से उनकी आपत्तियों पर विचार करने की मांग की है।

दूसरी ओर बैतूल बाजार नगर परिषद ने सोमवार को आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से नगर निगम में शामिल होने का प्रस्ताव पारित किया। परिषद के सदस्यों ने कहा कि नगर निगम बनने से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नलिन चिंचलवार ने प्रस्ताव पारित होने की पुष्टि की है। नगर निगम गठन की प्रक्रिया के दौरान सामने आए इन अलग-अलग रुखों के बीच अब प्रशासन प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर आगे की कार्रवाई करेगा।

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