सुकमा , अगस्त 08 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दूरस्थ एवं पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आयोजित आयुष्मान भारत संतृप्ति अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 78 वर्षीय नक्सल पीड़ित बुजुर्ग महिला वंजाम चिंगे के घर पहुंचकर उनका आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाया, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह जिला प्रशासन ने दी।
ग्राम पुनपल्ली (दुब्बाटोटा), विकासखंड कोंटा में आयोजित शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर वंजाम चिंगे को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिलाया। कार्ड बनने के बाद उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत शासकीय एवं चिन्हित अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
वंजाम चिंगे का जीवन नक्सल हिंसा की त्रासदी से प्रभावित रहा है। वर्ष 2006 में नक्सलियों ने उनके पति वंजाम देवे की हत्या कर दी थी। इसके बाद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन बिताया। प्रशासन द्वारा स्वयं उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराना शासन की संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। जांच के दौरान चार मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका तत्काल उपचार शुरू किया गया। वहीं, सूजन की समस्या से पीड़ित तीन मरीजों को बेहतर जांच एवं उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोरनापाल रेफर किया गया।
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