रायपुर , अप्रैल 03 -- छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर शुक्रवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान नक्सल उन्मूलन को लेकर अपेक्षित इच्छाशक्ति नहीं दिखाई गई और दावा किया कि वर्तमान सरकार ने सुनियोजित रणनीति के तहत नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

मीडिया से बातचीत में श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार की नई नीति के कारण बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और उन्हें पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी तेज किया गया है, जिससे आम जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।

बस्तर क्षेत्र से सुरक्षा बलों की वापसी को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हालात पर निर्भर करेगी और स्थिति सामान्य होने पर ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

वहीं, पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारी को बंधक बनाए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री ने वहां की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है और जनता इससे असंतुष्ट है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि यह वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित है, और सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।

नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर उठे आरोपों को खारिज करते हुए श्री साव ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक है और राज्य की पुनर्वास नीति के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम है।

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