दुर्ग , जून 11 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में जमीन में दबा खजाना मिलने की कहानी सुनाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से सोने जैसा दिखने वाला करीब 1.242 किलोग्राम नकली धातु का बिस्किट, एक नकली सिक्का, वारदात में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किया गया है।
पुलिस ने आज खुलासा करते हुए बताया कि उतई थाना क्षेत्र निवासी बोरसी के मजदूर जीतेंद्र साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उसे जमीन में दबे खजाने से प्राप्त सोना होने का दावा करते हुए 10 हजार रुपये में सोने जैसा धातु का टुकड़ा बेचा। इसके बाद आरोपियों ने उसके सामने और अधिक सोना होने की बात कहते हुए बाजार मूल्य से आधी कीमत पर बेचने का प्रस्ताव रखा।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने योजना बनाकर घेराबंदी की और गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से लगभग एक किलो 242 ग्राम वजन का सोने जैसा दिखने वाला नकली धातु का बिस्किट बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी विभिन्न धातुओं के मिश्रण से सोने जैसी दिखने वाली नकली सामग्री तैयार करते थे। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर लोगों को यह कहानी सुनाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ खजाना मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और पुराने सिक्के शामिल हैं। भरोसा कायम होने पर वे असली सोना बताकर उसे कम कीमत पर बेचने का लालच देते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी बाजार भाव से लगभग आधी कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। अधिक लाभ के लालच में कई लोग इनके बहकावे में आ जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पन्नालाल पूर्व में भी इसी प्रकार की ठगी की घटनाओं में संलिप्त रहा है। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के खिलाफ मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज होने की जानकारी मिली है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा ने बताया, "आरोपियों से बरामद नकली सोने को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकली सोना तैयार करने में किन-किन धातुओं का इस्तेमाल किया गया था।"पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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