भिण्ड , अक्टूबर 11 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में बिना लाइसेंस उर्वरक का कारोबार करने और कथित नकली खाद बेचने के दो मामलों में कृषि विभाग ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सकराया गांव में बिना लाइसेंस 600 बोरी एपीएस खाद उतारे जाने का मामला सामने आया, जबकि भारौली खुर्द में इफको कंपनी की पैकिंग में 127 बोरी कथित नकली डीएपी खाद मिलने की शिकायत की गई है।

कृषि विभाग के अनुसार, 28 सितंबर को सूचना मिलने पर निरीक्षण दल फूप थाना क्षेत्र के सकराया गांव पहुंचा था। वहां ट्रक क्रमांक एमपी 07 एचबी 8077 से 600 बोरी एपीएस खाद सचिन दीक्षित के मकान में उतारी जा रही थी। ट्रक चालक हैदर अली ने खाद मंदसौर से लाए जाने की जानकारी दी। जांच में खाद प्राप्त करने वाले जवाहर लाल शर्मा के नाम से जिले में कोई लाइसेंसधारी फर्म नहीं मिली। इसके बाद जवाहर लाल शर्मा, सचिन दीक्षित, विजय बैरागी और नितिन छावड़ा के खिलाफ फूप थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा उर्वरक नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कराया गया।

दूसरे मामले में आठ अक्टूबर को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर भारौली खुर्द में जांच की गई। विभागीय शिकायत में इफको की पैकिंग में 127 बोरी कथित नकली डीएपी खाद मिलने का उल्लेख है। किसान रमेश सिंह राजावत के अनुसार, जितेंद्र सिंह ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 30 जेजी 6728 में करीब 200 बोरी डीएपी लेकर अमायन कृषि उपज मंडी में खड़ा था, जहां से किसानों को खाद वितरित की गई। विभाग ने वीडियो, फोटो और प्रयोगशाला रिपोर्ट सहित दस्तावेज पुलिस को सौंपे। इसके बाद जितेंद्र सिंह, राघवेंद्र बघेल और महादेव बघेल के खिलाफ भारौली थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

कृषि विभाग के डीपीओ राम सुजान शर्मा ने बताया कि दोनों मामलों में विक्रेताओं से खाद के आपूर्तिकर्ता की जानकारी मांगी गई, लेकिन वे नाम बताने को तैयार नहीं हैं। विभाग खाद की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस जांच में खाद की खरीद, जिले में उसके पहुंचने और किसानों तक वितरण से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

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